250 कर्मचारियों की टीमों ने 39 ठिकानों पर मारा छापा
जोधपुर. स्टील के कारोबार से जुड़े राजलक्ष्मी ग्रुप के मालिकों ने अपने घरों में फर्श के नीचे काला धन छुपा रखा था। इसे आयकर विभाग की टीमों ने 81 घंटे चले सर्च में खोद निकाला। जमीन के नीचे से 12 लॉकर निकले। टीम ने इनमें 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी व सोना-चांदी के जेवर जब्त किए हैं। प्रारंभिक पड़ताल में ही 40-50 करोड़ का अघोषित लेन-देन होना सामने आया है, लेकिन विभाग को इससे ज्यादा की अघोषित आय उजागर होने की उम्मीद है। इनके अलावा ग्रुप से जुड़े लोगों के विभिन्न बैंकों में 5-6 लॉकर भी हैं, जिन्हें विभाग ने बैंक को पत्र लिखकर सीज करवा दिए हैं।
जमीन पर डंडे फटकारे खोखलेपन से शक हुआ, खोदा तो...
विभागीय सूत्रों के अनुसार इस ग्रुप के मालिकों के नए-पुराने अधिकांश घरों के फर्श के नीचे तिजोरियां छुपाई हुई थीं। इनमें कोई तिजोरी एक गुणा एक फीट की साइज की टाइल के नीचे छुपाई गई थी, तो कोई इससे बड़ी। विभाग की टीमों के पास पहले से इस बारे में सूचना थी। इसके साथ ही टीमों ने तकनीकी स्तर पर भी फर्श, अलमारियों व दीवारों पर बनी अलमारियों के एक-एक इंच को बारीकी से खंगाला। इसी दौरान फर्श की टाइलों का निरीक्षण करते समय टीमों को कुछ टाइल पर संदेह हुआ। लकड़ी के डंडे इत्यादि से उस जगह पर फटकारने से आने वाली आवाज में भी थोथापन महसूस हुआ, तो उनका शक पुख्ता होता चला गया। उस टाइल को खोदने पर नीचे लॉकर मिले।
विंग के प्रदेशभर के 250 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों की टीमों ने मंगलवार सुबह 7:30 बजे राजलक्ष्मी ग्रुप से जुड़े 30 ठिकानों पर छापा मारा था। विंग के संयुक्त निदेशक यज्ञेश रघुवंशी, डीसीआईटी डीएम निमजे व प्रतीक शर्मा सहित अन्य की टीमों को इन ठिकानों से करोड़ों रुपए के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी हाथ लगे थे। पड़ताल में कई दूसरे ठिकानों का पता चलता रहा और 3 दिन में कुल 39 जगहों पर पड़ताल की गई।
स्टील के कारोबार से जुड़े राजलक्ष्मी ग्रुप के मालिकों ने अपने घरों में फर्श के नीचे काला धन छुपा रखा था। इसे आयकर विभाग की टीमों ने 81 घंटे चले सर्च में खोद निकाला। जमीन के नीचे से 12 लॉकर निकले। टीम ने इनमें 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी व सोना-चांदी के जेवर जब्त किए हैं। प्रारंभिक पड़ताल में ही 40-50 करोड़ का अघोषित लेन-देन होना सामने आया है, लेकिन विभाग को इससे ज्यादा की अघोषित आय उजागर होने की उम्मीद है। इनके अलावा ग्रुप से जुड़े लोगों के विभिन्न बैंकों में 5-6 लॉकर भी हैं, जिन्हें विभाग ने बैंक को पत्र लिखकर सीज करवा दिए हैं।
जमीन पर डंडे फटकारे } खोखलेपन से शक हुआ, खोदा तो...
विभागीय सूत्रों के अनुसार इस ग्रुप के मालिकों के नए-पुराने अधिकांश घरों के फर्श के नीचे तिजोरियां छुपाई हुई थीं। इनमें कोई तिजोरी एक गुणा एक फीट की साइज की टाइल के नीचे छुपाई गई थी, तो कोई इससे बड़ी। विभाग की टीमों के पास पहले से इस बारे में सूचना थी। इसके साथ ही टीमों ने तकनीकी स्तर पर भी फर्श, अलमारियों व दीवारों पर बनी अलमारियों के एक-एक इंच को बारीकी से खंगाला। इसी दौरान फर्श की टाइलों का निरीक्षण करते समय टीमों को कुछ टाइल पर संदेह हुआ। लकड़ी के डंडे इत्यादि से उस जगह पर फटकारने से आने वाली आवाज में भी थोथापन महसूस हुआ, तो उनका शक पुख्ता होता चला गया। उस टाइल को खोदने पर नीचे लॉकर मिले।
नियमों में होगा संशोधन
भर्ती रद्द होने के बाद अब नियमों में संशोधन किया जाएगा। इस प्रक्रिया से अभ्यर्थियों को हुई असुविधा के लिए हाईकोर्ट प्रशासन ने खेद भी प्रकट किया है। इसके तहत आवेदन करने वाले सभी आवेदकों को नई भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का विकल्प मिलेगा। वांछित आवेदन करने पर उन्हें आयु सीमा में छूट भी मिलेगी। परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा, जो भावी चयन प्रक्रिया में भाग लेने के इच्छुक नहीं हैं उन्हें ऑनलाइन परीक्षा शुल्क लौटाया जाएगा।
भर्ती रद्द होने के बाद अब नियमों में संशोधन किया जाएगा। इस प्रक्रिया से अभ्यर्थियों को हुई असुविधा के लिए हाईकोर्ट प्रशासन ने खेद भी प्रकट किया है। इसके तहत आवेदन करने वाले सभी आवेदकों को नई भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का विकल्प मिलेगा। वांछित आवेदन करने पर उन्हें आयु सीमा में छूट भी मिलेगी। परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा, जो भावी चयन प्रक्रिया में भाग लेने के इच्छुक नहीं हैं उन्हें ऑनलाइन परीक्षा शुल्क लौटाया जाएगा।
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